आर्थिक लाभ हानि फार्मूला व्यवसायिक और आर्थिक निरीक्षण के महत्वपूर्ण टूल हैं। ये फार्मूला व्यक्ति या व्यवसाय के कारोबारी गतिविधियों के आर्थिक प्रदर्शन का मूल्यांकन करने में सहायक होते हैं। आर्थिक लाभ और हानि फार्मूला का उपयोग करके हम व्यवसाय के लिए उपयुक्त निर्णय लेने और संचय के विकल्पों को समझने में सक्षम होते हैं।
आर्थिक लाभ (economic profit) क्या है?
आर्थिक लाभ (economic profit) एक व्यवसायिक या वित्तीय गणना है जो एक व्यक्ति या एक कंपनी के व्यवसाय के प्रदर्शन को मूल्यांकन करने के लिए किया जाता है। हम इसे एक लेनदेन (financial transaction) की दृष्टि से समझेंगे।
सोचो, आप एक खुद के कारोबार के मालिक हों और आपके पास एक व्यापार चल रहा है। इस व्यवसाय में, आपको कुछ खर्च और लागत होगी,
जैसे कि उत्पादों या सेवाओं के लिए सामग्री की खरीद, श्रमिकों के वेतन, इमारत किराए पर लेना और विज्ञापन के लिए खर्च आदि कुल खर्च (total cost)
इस व्यवसाय के माध्यम आप अपने कुछ उत्पादों या सेवाओं को बेचते होंगे। उन उत्पादों या सेवाओं की बिक्री से मिलने वाले पैसे को आप कुल आय (total revenue) कहते हैं।
आर्थिक लाभ हानि को जानने के लिए, आपको अपनी कुल आय (total revenue) से अपनी कुल खर्च (total cost) को कम करना होगा। अगर यह मानवता से सजग होने वाला लगता है, तो आप आर्थिक लाभ हानि को नीचे दिए गए सूत्र से प्राप्त कर सकते हैं:
आर्थिक लाभ (Economic Profit) = कुल आय (Total Revenue) - कुल खर्च (Total Cost)
यदि यहां आर्थिक लाभ एक पॉज़िटिव आंकड़ा है, तो यह दर्शाता है कि आपके व्यवसाय में एक पॉज़िटिव प्रोफिट है, जिससे आपको अधिक आय मिली है जो आपके खर्च से ज्यादा है।
वहीं, यदि आर्थिक लाभ नेगेटिव है (यानी एक नकारात्मक आंकड़ा), तो आपका व्यवसाय नुकसान कर रहा है जिससे आपके खर्च आपकी कुल आय से ज्यादा है।
आर्थिक लाभ का अनुमान लगाकर आप अपने व्यवसाय के स्वास्थ्य और प्रदर्शन का मूल्यांकन कर सकते हैं। यह आपको व्यवसाय को समझने में मदद करेगा और आपको यह भी बताएगा कि कौन से क्षेत्र में और अधिक मेहनत करने से आपको अधिक आर्थिक लाभ हो सकता है।
ध्यान दें कि आर्थिक लाभ बुनियादी रूप से केवल लेनदेन से संबंधित नहीं होता है, बल्कि इसमें उत्पादन, मार्केटिंग, और अन्य कई प्रतिबंध हैं जो आपके व्यवसाय को प्रभावित कर सकते हैं।
आर्थिक लाभ को कैसे निकालते हैं? Economic Profit in Hindi

आर्थिक लाभ (economic profit) क्या है? चलिए, एक उदाहरण के माध्यम से समझाते हैं:
एक बच्चा खेलने के लिए कुछ गुलाबी गेंदों को 100 रुपये में खरीदता है। फिर वह उन गेंदों को अपने मित्रों को बेचकर 150 रुपये कमाता है। यहां ध्यान देने वाली बात है कि उसे अपने दोस्तों को बेचने से पहले गेंदों की खरीद पर भी 100 रुपये खर्च हो गए।
अब आर्थिक लाभ की गणना करते हैं:
साधारण आर्थिक लाभ हानि फॉर्मूला : – लाभ = आय – व्यय
यहां,
आय = गेंदों की बिक्री मूल्य = 150 रुपये
व्यय = खरीद मूल्य = 100 रुपये
लाभ = 150 – 100 = 50 रुपये
इसलिए, इस बच्चे को इस व्यापार में 50 रुपये का आर्थिक लाभ हुआ। यह वह अधिकतम धनादायकता है जिसे वह उस व्यवसायिक क्रिया में प्राप्त कर सकता है, इससे भी कम पूंजी से।
इस प्रकार, आर्थिक लाभ व्यापारिक निवेशों और व्यवसायों के लिए एक महत्वपूर्ण गणना होती है जो उन्हें विभिन्न निवेश विकल्पों के बीच चयन करने में मदद करती है। यदि आर्थिक लाभ पॉज़िटिव होता है, तो व्यवसायिक क्रिया को जारी रखने का संकेत होता है, जबकि यदि यह नेगेटिव होता है, तो व्यवसायिक क्रिया को रुकाने का संकेत होता है।
आर्थिक लाभ हानि फॉर्मूला | Economic Profit & Loss Formula

आर्थिक लाभ निकलने के लिए व्यापारी स्पष्ट लागत (explicit cost) और अंतर्निहित लागत (implicit cost) दोनों लागतों को ध्यान में रखता है और इसकी गणना निम्नानुसार की जाती है:
आर्थिक लाभ सूत्र:
आर्थिक लाभ = कुल राजस्व – (कुल स्पष्ट लागत + कुल निहित लागत)
कुल स्पष्ट लागत में सभी मौद्रिक व्यय शामिल हैं, जैसे मजदूरी, किराया, कच्चा माल, आदि।
कुल निहित लागत फर्म के स्वामित्व वाले संसाधनों की अवसर लागत का प्रतिनिधित्व करती है, जैसे कि एक इंटरप्रेन्योर का खुद को दिया हुआ वेतन या निवेशित पूंजी पर छोड़ा गया ब्याज।
आर्थिक लाभ हानि फॉर्मूला उदाहरण
यहां उदाहरण दिए जा रहे हैं जो आर्थिक लाभ (Economic Profit) की गणना करने के लिए हैं:
उदाहरण 1:
राजू ने एक खुद का छोटा फल दुकान खोली है। उसके पास आने वाले एक वर्ष में उसके द्वारा फल बेचने की कुल आमदनी (राजस्व) है रुपये 2,00,000। दुकान चलाने में आई सारी व्यय (स्पष्ट लागत) रुपये 1,20,000 हैं। राजू ने अपने दुकान के लिए व्यवसायिक खाता में रुपये 80,000 लगा रखे हैं जिनसे उसे बाजार के द्वारा मिलने वाले ब्याज पर प्राप्त होते हैं।
आर्थिक लाभ हानि फार्मूला = कुल राजस्व – (कुल स्पष्ट लागत + कुल निहित लागत)
आर्थिक लाभ = रुपये 2,00,000 – (रुपये 1,20,000 + रुपये 80,000)
आर्थिक लाभ = रुपये 2,00,000 – रुपये 2,00,000 = रुपये 0
उत्तर: इस उदाहरण में, राजू का आर्थिक लाभ शून्य है, जिसका मतलब है कि उसके फल दुकान से कोई भी आर्थिक लाभ प्राप्त नहीं हुआ।
उदाहरण 2:
सीमा ने एक छोटा सा बगीचा सजाने का व्यवसाय शुरू किया है। उसने एक वर्ष में उसके बगीचे की सुंदर फूलों से बिक्री की कुल आमदनी (राजस्व) है रुपये 1,50,000। बगीचे को सजाने में आई सभी व्यय (स्पष्ट लागत) रुपये 1,10,000 हैं। सीमा ने बगीचे के लिए व्यवसायिक खाता में रुपये 50,000 लगा रखे हैं जिनसे उसे बाजार के द्वारा मिलने वाले ब्याज पर प्राप्त होते हैं।
आर्थिक लाभ हानि फार्मूला = कुल राजस्व – (कुल स्पष्ट लागत + कुल निहित लागत)
आर्थिक लाभ = रुपये 1,50,000 – (रुपये 1,10,000 + रुपये 50,000)
आर्थिक लाभ = रुपये 1,50,000 – रुपये 1,60,000 = -रुपये 10,000
उत्तर: इस उदाहरण में, सीमा का आर्थिक हानि है जिसका मतलब है कि उसके बगीचे से एक वर्ष में उसे रुपये 10,000 का नुकसान हुआ है।
उदाहरण 3:
एक व्यापारी ने एक विदेशी देश से खूबसूरत चादरों का व्यापार शुरू किया। वह एक साल में 1000 चादरों को बेचता है। कुल राजस्व रुपये 2,00,000 हैं। स्पष्ट लागत (कुल स्पष्ट खर्च) रुपये 1,50,000 हैं और व्यापारी ने व्यापार के लिए खुद को दिये गए देश के मार्ज़िन एक्सचेंज दर के अनुसार रुपये 30,000 निवेश किया हैं। यह व्यवसाय उसे रुपये में आर्थिक लाभ या हानि प्राप्त करने में मदद करेगा?
कुल राजस्व = रुपये 2,00,000
कुल स्पष्ट लागत = रुपये 1,50,000
कुल निहित लागत = रुपये 80,000
आर्थिक लाभ = रुपये 2,00,000 – (रुपये 1,50,000 + रुपये 80,000) = रुपये 2,00,000 – रुपये 2,30,000 = -रुपये 30,000
उत्तर: इस उदाहरण में, व्यापारी का आर्थिक हानि हुआ है, जिसका मतलब है कि उसके व्यापार से उसे रुपये 30,000 का नुकसान हुआ है। उसे अपने व्यवसाय को संचालित करने के लिए और सामग्री खरीदने के लिए और पैसे की आवश्यकता है जो उसकी उपज या राजस्व से कम हैं।
उदाहरण 4:
एक व्यापारी ने एक नए रेस्टोरेंट खोला। पहले महीने में, उसके रेस्टोरेंट में कुल राजस्व रुपये 50,000 थे। स्पष्ट खर्च (स्पष्ट लागत) रुपये 35,000 थे। उसने रेस्टोरेंट के लिए रुपये 15,000 निवेश किये हैं। क्या उसके पहले महीने का आर्थिक लाभ या हानि हुआ?
कुल राजस्व = रुपये 50,000
कुल स्पष्ट लागत = रुपये 35,000
कुल निहित लागत = रुपये 15,000
आर्थिक लाभ = रुपये 50,000 – (रुपये 35,000 + रुपये 15,000) = रुपये 50,000 – रुपये 50,000 = रुपये 0
उत्तर: इस उदाहरण में, व्यापारी का आर्थिक लाभ शून्य है, जिसका मतलब है कि उसके रेस्टोरेंट से उसे कोई भी आर्थिक लाभ नहीं हुआ। उसे उसे रेस्टोरेंट के स्पष्ट खर्च से ज्यादा उपज या राजस्व नहीं हुआ है।
उदाहरण 5:
एक विद्यार्थी ने विद्यार्थी उपाधि शुरू की। एक वर्ष में, उसके विद्यार्थी उपाधि से कुल राजस्व रुपये 2,50,000 थे। उसके पढ़ाई की सारी खर्च (स्पष्ट खर्च) रुपये 1,80,000 थे और वह विद्यार्थी ने विद्यार्थी उपाधि के लिए रुपये 70,000 निवेश किये हैं। क्या उसके विद्यार्थी उपाधि से एक वर्ष में आर्थिक लाभ या हानि हुआ?
कुल राजस्व = रुपये 2,50,000
कुल स्पष्ट लागत = रुपये 1,80,000
कुल निहित लागत = रुपये 70,000
आर्थिक लाभ = रुपये 2,50,000 – (रुपये 1,80,000 + रुपये 70,000) = रुपये 2,50,000 – रुपये 2,50,000 = रुपये 0
उत्तर: इस उदाहरण में, विद्यार्थी का आर्थिक लाभ शून्य है, जिसका मतलब है कि उसके विद्यार्थी उपाधि से एक वर्ष में उसे कोई आर्थिक लाभ नहीं हुआ। उसके विद्यार्थी उपाधि के लिए कुल राजस्व उसके विद्यार्थी उपाधि के सभी खर्च को पूरा करने में खर्च हो गई।
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निष्कर्ष (Conclusion)
आर्थिक लाभ हानि फार्मूला व्यवसाय के निर्धारण में आवश्यक एक साधारण और उपयुक्त उपकरण है। इस फार्मूला का उपयोग करके हम अपने व्यवसाय की आर्थिक स्थिति का मूल्यांकन कर सकते हैं और समझ सकते हैं कि हमारे कारोबारी प्रयास कितने सफल हो रहे हैं। यह फार्मूला विभिन्न विकल्पों की अनुमानित प्रतिक्रिया पर आधारित होता है, जिससे हम समय और प्रयास को बचाकर बेहतर निर्णय ले सकते हैं। अतः, हर व्यावसायिक व्यक्ति और उद्यमी को इस फार्मूला का सही उपयोग करके अपने व्यवसाय की स्थिति का निरीक्षण करना चाहिए।